ह्यूमन इम्यूनोडेफिशिएंसी वायरस (HIV) एक ऐसा वायरस है जो प्रतिरक्षा प्रणाली को नुकसान पहुँचाता है और यदि उपचार न किया जाए तो एड्स (Acquired Immunodeficiency Syndrome) की ओर अग्रसर हो सकता है। गर्भावस्था, प्रसव या स्तनपान के दौरान यदि माँ HIV‑संक्रमित हों, तो वह अपने शिशु को वायरस के विभिन्न मार्गों से संचारित कर सकती है। इस प्रक्रिया को मातृ‑शिशु संक्रमण (Mother‑to‑Child Transmission, MTCT) कहा जाता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO), संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (UNICEF) और राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीतियों ने MTCT को न्यूनतम करने के लिये विस्तृत दिशानिर्देश स्थापित किए हैं। उचित स्क्रीनिंग, एंटीरेट्रोवायरल थेरेपी (ART), सुरक्षित प्रसव प्रबंधन और स्तनपान के विकल्पों का सही उपयोग करके MTCT की दर को 5 % से कम किया जा सकता है, जबकि बिना हस्तक्षेप के यह दर 15‑45 % तक पहुँच सकती है। इस लेख में हम कारण, जोखिम कारक, लक्षण, स्क्रीनिंग, उपचार एवं रोकथाम के विस्तृत उपायों को वैज्ञानिक प्रमाणों के आधार पर प्रस्तुत करेंगे, ताकि सामान्य वयस्क पाठक, विशेषकर गर्भवती महिलाएँ और उनके परिवार, सटीक जानकारी प्राप्त कर सकें।
मातृ‑शिशु संक्रमण के मुख्य मार्ग तीन हैं:
अतिरिक्त जोखिम कारक जो MTCT की संभावना को बढ़ाते हैं:
MTCT के बाद शिशु में HIV संक्रमण के लक्षण दो चरणों में प्रकट हो सकते हैं:
ध्यान दें: शिशु में HIV के लक्षण अक्सर सामान्य शिशु रोगों के समान होते हैं, इसलिए केवल लैब परीक्षण ही निश्चित निदान प्रदान कर सकते हैं।
नवजात में HIV की पुष्टि के लिये दो चरणीय परीक्षण अनुशंसित है:
यदि शुरुआती PCR परीक्षण में दो लगातार नकारात्मक परिणाम मिलते हैं और माँ का वायरल लोड नियंत्रित है, तो बच्चे को “HIV‑free” माना जा सकता है, लेकिन 18 माह तक फॉलो‑अप जारी रखना आवश्यक है।
HIV‑संक्रमित शिशु में उपचार का मुख्य लक्ष्य:
वर्तमान में विश्व स्तर पर अनुशंसित उपचार योजना “पेडियाट्रिक ART” है, जिसमें निम्नलिखित दवाओं का संयोजन शामिल है:
| दवा वर्ग | उदाहरण | डोज़ (आमतौर पर) | नोट |
|---|---|---|---|
| NRTI (न्यूक्लियोसाइड रिवर्स ट्रांसक्रिप्टेज इनहिबिटर) | ज़िडोवुडीन (AZT) | 30 mg/kg/दिन, दो बार | पहला विकल्प, विशेषकर जन्म के बाद तुरंत शुरू किया जाता है। |
| NRTI | लामिवुडीन (3TC) | 4 mg/kg/दिन, दो बार | AZT के साथ संयोजन में उपयोग। |
| PI (प्रोटीन एस्ट्रेटेज इनहिबिटर) | लोपिनाविर/रिटोनाविर (LPV/r) | 300/75 mg/m²/दिन, दो बार | वायरल लोड तेज़ी से घटाने में प्रभावी। |
| INSTI (इंटीग्रेसेज़ इनहिबिटर) | डोलुटेग्राविर | 2 mg/kg/दिन, एक बार | नवजात में उपयोग की बढ़ती स्वीकृति। |
मुख्य उपचार सिद्धांत:
यदि बच्चा पहले से ही HIV‑संक्रमित है और वायरल लोड उच्च है, तो “इंटेंसिव” ART (तीन‑दवा संयोजन) की सिफ़ारिश की जाती है, और उपचार को जीवन भर जारी रखने की योजना बनायी जाती है।
| मिथक | तथ्य |
|---|---|
| यदि माँ ने प्रसव के दौरान C‑section नहीं किया तो शिशु हमेशा HIV‑संक्रमित हो जाता है। | यदि माँ का वायरल लोड < 1,000 कॉपी/ml है और वह ART पर है, तो वजाइनल डिलीवरी में संक्रमण का जोखिम < 5 % रहता है। |
| स्तनपान हमेशा HIV‑संक्रमण का प्रमुख कारण है। | यदि माँ ART ले रही है और वायरल लोड < 50 कॉपी/ml है, तो 6 माह तक exclusive breastfeeding सुरक्षित माना जाता है। |
| नवजात में HIV का परीक्षण तुरंत जन्म के बाद किया जा सकता है और परिणाम सटीक होते हैं। | नैरेटिव PCR परीक्षण को दो बार दोहराना आवश्यक है; एकल नतीजा संभावित फॉल्स‑पॉज़िटिव/नैगेटिव हो सकता है। |
| यदि शिशु में HIV के लक्षण नहीं दिखते तो वह रोग‑मुक्त है। | शिशु में HIV के लक्षण कई महीनों बाद या हल्के हो सकते हैं; केवल लैब परीक्षण ही निश्चित निदान देता है। |
| ART केवल माँ के लिए ही आवश्यक है, बच्चे को अलग से दवा नहीं चाहिए। | नवजात में प्रोफिलैक्टिक या उपचारात्मक ART शुरू करना संक्रमण को रोकने या नियंत्रित करने के लिये अनिवार्य है। |
| यदि माँ ने पहले HIV‑टेस्ट किया तो वह पूरे गर्भावस्था में सुरक्षित रहती है। | नवीनतम WHO सिफ़ारिशें बताती हैं कि HIV परीक्षण को कम से कम दो बार (पहले ट्राइमेस्टर और 28 सप्ताह) दोहराना चाहिए, क्योंकि नई संक्रमण की संभावना रहती है। |
HIV‑संबंधित मातृ‑शिशु संक्रमण (MTCT) एक ऐसी स्थिति है जिसे वैज्ञानिक‑आधारित हस्तक्षेपों के माध्यम से प्रभावी रूप से नियंत्रित किया जा सकता है। प्रारम्भिक स्क्रीनिंग, जीवनभर ART, वायरल लोड की नियमित निगरानी, सुरक्षित प्रसव प्रबंधन, प्रोफिलैक्टिक नवजात उपचार तथा स्तनपान के सही विकल्पों का पालन करके संक्रमण की दर को 5 % से भी नीचे लाया जा सकता है। इस प्रक्रिया में स्वास्थ्य प्रणाली, सामाजिक समर्थन और नीतिगत ढाँचा समान रूप से महत्वपूर्ण हैं। प्रत्येक गर्भवती महिला को इस बात की जानकारी होनी चाहिए कि वह अपने और अपने बच्चे के स्वास्थ्य को सुरक्षित रखने के लिये कौन‑से कदम उठा सकती है, और जब आवश्यक हो तो तुरंत चिकित्सकीय सहायता ले। निरंतर शिक्षा, जागरूकता और सटीक डेटा संग्रहण के माध्यम से हम भविष्य में MTCT को पूरी तरह समाप्त करने की दिशा में प्रगति कर सकते हैं।
चिकित्सा अस्वीकरण: यह लेख केवल सामान्य जानकारी और शिक्षा के उद्देश्य से है। यह किसी योग्य चिकित्सक की सलाह का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य समस्या, निदान या उपचार के लिए हमेशा एक पंजीकृत डॉक्टर से परामर्श करें।
बिना उपचार के, HIV‑संतान में संक्रमण की संभावना 15‑45 % तक होती है, जबकि एंटीरेट्रोवायरल थैरेपी (ART) और अन्य रोकथाम उपायों से यह 2‑5 % तक घटाई जा सकती है।
शिशु में शुरुआती लक्षण अक्सर सामान्य होते हैं—ज्वर, बुखार, दोलन, पाचन समस्याएँ, और बार‑बार संक्रमण; विशेष लक्षण जैसे लिंफ़ेडेमा, तीव्र श्वसन रोग या न्यूरोलॉजिकल संकेत देर से प्रकट हो सकते हैं।
गर्भावस्था के दौरान माँ को तुरंत ART शुरू करना, प्रसव के समय एंटीरेट्रोवायरल दवा देना, जन्म के बाद नवजात शिशु को 4‑6 हफ्ते तक प्रोफ़िलैक्टिक ART, तथा स्तनपान न करने (या एंटीरेट्रोवायरल कवरेज के साथ) मुख्य रोकथाम रणनीतियाँ हैं।
माँ के HIV स्टेटस की पुष्टि के बाद, नवजात शिशु में जन्म के 48 घंटे के भीतर PCR‑आधारित HIV‑DNA/रायबोन्युक्लिक एसिड परीक्षण किया जाता है; दो‑तीन बार परीक्षण (जन्म, 6 हफ़्ता, 6 महीना) की अनुशंसा की जाती है।
माताओं के लिए जीवन भर संयोजन ART (जैसे टेनोफ़ोविर इमेट्रिकिटाबीन एफ़ाज़ीविर्ल) और नवजात शिशु के लिए प्रारम्भिक प्रोफ़िलैक्टिक ART (जैसे ज़िडोवुडीन लमिवुडीन) लागू किया जाता है; उपचार को रोग की प्रगति के अनुसार समायोजित किया जाता है।
यदि गर्भावस्था के दौरान HIV परीक्षण पॉज़िटिव आए, या नवजात में बुखार, लगातार उल्टी, वजन घटना, या कोई असामान्य संक्रमण दिखे, तो तुरंत एचआईवी विशेषज्ञ या प्री‑नैटल क्लिनिक से संपर्क करें।
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